इंजिनियरिंग की पढ़ाई छोड़ राजनीति में भाग्‍य आजमाने के बाद कवि बने कुमार विश्‍वास का जीवन परिचय Know The Biography Of Kumar Vishwas Who Became A Poet After Leaving Engineering Studies To Try His Luck In Politics

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कौन हैं कुमार विश्‍वास (Who Is Kumar Vishwas)

कुमार विश्‍वास एक प्रसिद्ध कवि, व्‍याख्‍याता तथा एक राजनीतिज्ञ हैं। वह अपनी शायरी और कविता के लिए लोकप्रिय हैं। उन्‍होंने देश-विदेश जैसे अमेरिका, इंग्‍लैंड, सिंगापुर, जापान, ओमान के आलावा कई देशों में जाकर कविता पाठ करते हैं। वर्ष 2012 में, कुमार एक स्वयंसेवी कर्मचारी के रूप में नव स्थापित ‘आप’ पार्टी में शामिल हुए। वह ‘आजतक’ टीवी चैनल पर प्रसारित होने वाले कॉमेडी शो, “केवी सम्मेलन” के होस्ट भी थे। कुमार विश्वास अपनी कविता के माध्‍यम से भारत के ताजा और गंभीर मामलों पर भी अपनी टिप्पणी देते रहते हैं।

Table of Contents

कुमार विश्‍वास : जन्‍म तथा मा‍ता-पिता (Kumar Vishwas: Birth And Parents)  

भारत के प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास का जन्म 10 फरवरी 1970 को एक मध्यम वर्गीय ब्राह्मण परिवार में पिलखुवा, उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ था। उनका पूरा नाम विश्‍वास कुमार शर्मा है। वह एक भारतीय नागरिक के रूप में हिंदू धर्म का पालन करते हैं। इनकी राशि कुंभ है।

कुमार विश्‍वास
कुमार विश्‍वास
कुमार विश्‍वास अपनी माता जी के साथ
कुमार विश्‍वास अपनी माता जी के साथ

उनके पिता का नाम चंद्र पाल शर्मा हैं जो पिलखुआ स्थित आर.एस.एस. डिग्री कॉलेज में व्याख्याता थे। उनकी माँ का नाम रमा शर्मा है जो एक गृहिणी हैं। कुमार के तीन भाई और एक बहन है जिनमें वे सबसे छोटे हैं।

कुमार विश्‍वास अपने पिता जी के साथ
कुमार विश्‍वास अपने पिता जी के साथ

कुमार विश्‍वास की शिक्षा-दीक्षा (Kumar Vishwas Education)

कवि कुमार विश्‍वास की प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के पिलखुवा शहर में स्थित लाला गंगा सहाय स्कूल में पूरी हुई। इसके बाद वे राजपुताना इंटर कॉलेज में दाखिला लिया। उनके पिता कुमार को इंजीनियर बनाने के लिए उनका नामांकन मोतीलाल नेहरू क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज कराया। लेकिन कुमार विश्‍वास को इंजीनियरिंग की पढ़ाई में रास नहीं आया।

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उनकी रुचि साहित्‍य के क्षेत्र थी इसलिए वे इंजीनियरिंग पढ़ाई छोड़कर वे हिंदी साहित्‍य में एम.ए. किया। फिर, कुमार ने अंततः पीएच.डी. की। यह वही समय था जब उन्होंने अपना नाम विश्वास कुमार शर्मा से बदलकर कुमार विश्वास रख लिया ताकि वह अपनी जाति से अलग व्यक्तित्व रख सकें।

कुमार विश्‍वास: संक्षिप्‍त जीवन परिचय (Kumar Vishwas: Quick Facts)

प्रसिद्ध नाम (Famous Name)कुमार विश्वास
उपनाम (Nick Name)कुमार विश्वास
पूरा नाम (Full Name)कुमार विश्वास
जन्‍म तिथी (Date of Birth)10 फ़रवरी 1970
जन्म स्‍‍‍थान (Birth Place)पिलखुवा गाजियाबाद उत्तर प्रदेश
उम्र (Age)53 वर्ष
माता (Mother)रमा शर्मा
पिता (Father)डॉ. चंद्रपाल शर्मा
भाई (Brother)तीन भाई (नाम पता नहीं)
बहन (Sister)एक बहन (नाम पता नहीं)
धर्म (Religion)हिंदू
जाति (Caste)गौड़ ब्राह्मण
राष्टीयता (Nationality)भारतीय
राशि – चक्र चिन्ह (Zodiac Sign)कुंभ
शैक्षणिक योग्यता (Education Qualification)पीएच.डी. हिंदी में
स्कूल (School)लाला गंगा सहाय स्कूल, पिलखुवा
कॉलेज/ विश्वविद्यालय (College/ University)राजपूताना रेजिमेंट इंटर कॉलेज, हापुड, उत्तर प्रदेश: मोतीलाल नेहरू क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश:
वैवाहिक स्थिति (Marital Status)विवाहित
पत्‍नी (Wife)डॉ. मंजू शर्मा
बाल-बच्चे (Children)दो पुत्रियाँ
पसंदीदा राजनेता (Favourite Politician)अरविन्द केजरीवाल
पसंदीदा कवि (Favourite Poet)रामधारी सिंह दिनकर
पसंदीदा खेल (Favourite Game)क्रिकेट
शौक (Hobbies)पढ़ना, लिखना
लंबाई (Height)173 सेमी, 1.73 मीटर
वजन (Weight)वजन65 किग्रा, 143 पौंड
कमर का माप (Hip Size)30
छाती का आकार (Best Size)34
बाइसेप्स साइज (Biceps Size)12
त्वचा का रंग (Skin Complexion)गेहुँआ
आंखों का रंग (Eye Colour)काला
बालों का रंग (Hair Colour)काला
कुल सम्पति (Net Worth)लगभग ₹ 5 करोड़ या $603510

कुमार विश्‍वास का करियर (Kumar Vishwas Career)

कुमार ने 1994 में इंदिरा गांधी पीजी कॉलेज ‘पीलीबंगा’ राजस्थान में एक व्याख्याता के रूप में अपना करियर शुरू किया। इसके बाद, उन्होंने लाला लाजपत राय कॉलेज में हिंदी साहित्य पढ़ाना शुरू किया। कुमार विश्वास को उनके व्यापक रूप से प्रशंसित कॉमेडी शो केवी सम्मेलन के माध्यम से पहचान मिली, जिसका प्रीमियर 29 सितंबर, 2018 को हुआ और ‘आजतक’ चैनल पर प्रसारित किया गया।

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कुमार विश्‍वास मिडिया में (Kumar Vishwas In Media)

जाने पहचाने कवि कुमार इंडियन आइडल टेलीविजन शो में अतिथि न्यायाधीश के रूप में काम किया हैं तथा ज़ीटीवी के टैलेंट हंट शो सा रे गा मा पा लिटिल चैंप्स में भी अतिथि रहे हैं।

कुमार ने 2018 की हिंदी फिल्म परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरण और वीर भगत सिंह के लिए दे दे जगह नामक गाना लिखा है। वह 1 जुलाई 2017 के द कपिल शर्मा शो के एपिसोड में राहत इंदौरी और शबीनाजी के साथ अतिथि रूप में वहाँ उपस्थित थे। फिर इन्‍हीं के शो में यानि द कपिल शर्मा शो में 21 सितंबर 2019 के एपिसोड में भोजपूरी कलाकार मनोज बाजपेयी और पंकज त्रिपाठी के साथ अतिथि के रूप में थे।

कुमार ने तर्पण नामक संगीतवाली कविता शृंखला भी पेश की जहाँ वे संगीत की पृष्ठभूमि में प्रसिद्ध ऐतिहासिक कवियों की कविताओं का पाठ करते थे।

कुमार विश्‍वास को प्राप्‍त सम्‍मान/पुरस्‍कार (Kumar Vishwas Achieved Honors And Prizes)

देश के प्रतिष्ठित कवि कुमार विश्‍वास को कई तरह के सम्‍मान एवं पुरस्‍कार प्राप्‍त है जो निम्‍न हैं:–

  1. उन्‍हें वर्ष 1994 में डॉ. कुँवर बैचेन काव्य सम्मान एवं पुरस्कार समिति ने उन्हें काव्य कुमार पुरस्कार से सम्मानित किया।
  2. वर्ष 2004 में उन्हें साहित्य भारती द्वारा उन्नाव में डॉ. सुमन अलंकरण पुरस्कार दिया गया।
  3. 2006 में हिंदी-उर्दू अवार्ड अकादमी द्वारा साहित्य श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  4. 2010 में उन्हें बदायूँ में डॉ. उर्मिलेश जन चेतना समिति द्वारा डॉ. उर्मिलेश “गीत श्री” सम्मान दिया गया। 

कुमार विश्‍वास: प्‍यार एवं शादी (Kumar Vishwas: Affairs And Marriage)

कुमार विश्‍वास अपनी पत्‍नी मंजू शर्मा के साथ
कुमार विश्‍वास अपनी पत्‍नी मंजू शर्मा के साथ

खुले विचार वाले कुमार विश्‍वास वाकई दूसरे के दुख-दर्द को समझने वाले इंसान हैं। तभी तो इनकी पहली मुलाकात में कुछ घटनाएँ घटी। कुमार और मंजू शर्मा दोनों पहली बार कॉलेज में पढ़ाई के दौरान एक-दूसरे से परिचय हुआ। कवि ने एम.ए. करने के बाद मंजू से विवाह किया। उनकी पत्नी डॉ मंजू शर्मा लेक्चरर हैं।

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कुमार विश्‍वास के बच्‍चें (Kumar Vishwas Children)

इस दंपति को दो बेटियाँ अग्रता विश्वास और कुहू विश्वास हैं।

कुमार विश्‍वास एक राजनेता के रूप में (Kumar Vishwas in Politics )

साहित्‍य की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले प्रसिद्ध कवि कुमार विश्‍वास राजनीति में कदम रखने की पूरजार कोशिश की। कुमार अरविंद केजरीवाल को 2005 से जानते थे। वे 2011 में अन्ना हजारे के नेतृत्व वाले इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन में शामिल हुए थे।

कुमार विश्‍वास अन्‍ना हजारे के साथ मंच पर
कुमार विश्‍वास अन्‍ना हजारे के साथ मंच पर

अन्ना हजारे द्वारा दिल्‍ली में जन्तर मन्तर में जनलोकपाल को लेकर आन्दोलन किया जा रहा था तो उसमें मुख्‍य सहयोगी के रूप में कुमार विश्‍वास भी एक थे।

इसके बाद जब केजरीवाल के नेतृत्‍व में आम आदमी पार्टी का गठन हुआ तो कुमार ने उस पार्टी में संस्‍थापक सदस्‍य के रूप में शामिल हुए।

कुमार विश्‍वास अरविंद केजरीवाल के साथ
कुमार विश्‍वास अरविंद केजरीवाल के साथ

कुमार विश्‍वास अमेठी चुनाव में (Kumar Vishwas in Amethi Election )

वर्ष 2014 में उन्‍होंने लोकसभा चुनाव AAP उम्मीदवार के रूप में अमेठी से लड़ा, लेकिन केवल 25,000 वोट हासिल करके तत्कालीन मौजूदा राहुल गांधी से हार गए।

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कुमार विश्‍वास विवाद के घेरे में (Kumar Vishwas in Controversies)

प्रसिद्ध कव‍ि कुमार विश्वास राजनीति के क्षेत्र में रहते हुए कविता रचना का काम अनवरत करते रहे। यही कारण है कि कभी कभार उनपर विवाद का आरोप लगते रहे। और कई बार वे तीखी आलोचनाओं के शिकार भी हुए।

वर्ष 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनावों के बाद एक टैब्लॉइड मीडिया पोर्टल, जिसका नाम “मीडिया सरकार” था, द्वारा एक स्टिंग ऑपरेशन की गई थी जिसमें यह दिखाया गया था कि शाज़िया इल्मी के साथ कई AAP साथियों ने गैरकानूनी ढंग से दान के लिए फंड जुटाया था जिसमें कुमार विश्‍वास का भी नाम था। इसपर आम आदमी पार्टी की ओर से जवाबी कार्यवाही करते हुए जिस मीडिया पोर्टल ने इस खबर को दिखाया था उस मीडिया पोर्टल के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के ऊपर पुलिस थाने में एफ आई आर दर्ज करवा दी गई थी, जो मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है।

दूसरा विवाद था एक कवि सम्मेलन का एक वीडियो क्लिप वायरल हो गया, जिसमें उन्हें इमाम हुसैन और केरल की हिंदू देवी-देवताओं और नर्सों के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणियां करते हुए दिखाया गया था। कवि ने इसके जवाब दिया कि क्लिप को गलत तरीके से पेश किया गया था और कुछ समय बाद उन्होंने अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगी और कहा कि किसी की राय या भावनाओं को ठेस पहुंचाना उनका उद्देश्य नहीं था।

एक अन्‍य विवाद यह है कि कवि कुमार विश्‍वास ने वाल्मीकि समाज के विषय में कुछ बयान दे दिया था जिसके चलते वाल्मीकि समुदाय के लोगों को वह बयान नागवार गुजरा। ऐसे में संजय गहलोत नाम के एक व्यक्ति ने कुमार के खिलाफ पुलिस थाने में वाल्मीकि समाज की भावनाओं को आहत करने का केस दर्ज करवाया था जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि उन्होंने जो बयान दिया है, वह वाल्मीकि समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।

कुमार विश्‍वास पर 2016 में एक अभियान सहायक द्वारा छेड़छाड़ और “यौन रूप से रंगीन” टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने उनपर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया, लेकिन दिल्ली पुलिस जब जाँच किया तो कोई सबूत नहीं मिला।

इसी तरह जुलाई 2017 में, कुमार पर अमिताभ बच्‍चन के पिता हरिवंश राय बच्चन की एक कविता यूट्यूब पर अपलोड करने का आरोप लगा। इस कारण उन्‍हें वीडियो डिलीट करना पड़ा और हर्जाने के रूप मे कुछ राशि चुकाना पड़ा।

एक विवाद यह भी था कि आम आदमी पार्टी और कुमार विश्‍वास के बीच मतभेद खड़ा हो गया। 15 मार्च, 2019 को एनआईटी ग्राउंड फ़रीदाबाद में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था जिसमें सिख समुदाय के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए, 23 मार्च, 2019 को उन्हें अमृतसर के वकील एनपीएस हीरा द्वारा कानूनी नोटिस भेजा गया था। वकिल हीरा ने कुमार विश्‍वास को कानूनी धमकी भी दी थी अगर वह श्री अकाल तख्त साहिब पर नहीं गए और माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कुमार विश्‍वास की कुछ प्रमुख कविताएँ (Kumar Vishwas’ Famous Poems)

तुम्हे मैं प्यार नहीं दे पाऊँगा

होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो

सब तमन्नाएं हो पूरी

है नमन उनको

जान कौन डगर ठहरेंगे

जिसकी धुन पर दुनिया नाचे

ये वही पुरानी राहें हैं

सूरज पर प्रतिबंध अनेकों

बात करनी है, बात कौन करे

ये इतने लोग कहाँ जाते हैं सुबह-सुबह

अमावस की काली रातों में

हो काल गति से परे चिरंतन

देवदास मत होना

साल मुबारक

एक पगली लड़की के बिन

मेरे पहले प्यार

कोई दीवाना कहता है

हार गया तन-मन पुकार कर तुम्हें

नेह के सन्दर्भ बौने हो गए

उनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलती

तुम्हारा फ़ोन आया है

प्रीतो!

मैं तुम्हें ढूंढने स्वर्ग के द्वार तक

तुम अगर नहीं आ‌ई

मै तुम्हे ढूंढने

मैं तो झोंका हूँ

हार गया तन-मन पुकार कर तुम्हें

भारत के कुछ प्रमुख शहर जहाँ कुमार विश्‍वास ने कविता पाठ किया (Places Where Kumar Vishwas Performed Kavita Path)

आईआईटी रूडकी

बिट्स पिलानी

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय

एनआईटी पटना

कुमार विश्‍वास एक कवि सम्‍मेलन में
कुमार विश्‍वास एक कवि सम्‍मेलन में

एमएनआईटी इलाहबाद

आईआईएम लखनऊ

एनआईटी त्रिची

एनआईटी जालन्धर

एलएनसीटी भोपाल 

कुमार विश्‍वास एक समाज सुधारक (Kumar Vishwas As A Social Reformer)

प्रसिद्ध कवि कुमार विशवास लोक कल्‍याणकारी कार्य में भी गहरी रूचि लेते है। उन्‍होंने लोककल्‍याण के लिए कई कार्य किए हैं।

कुमार विश्‍वास के सोशल मीडिया एकाउंट (Kumar Vishwas Social Media Accounts )

भारत के लोकप्रिय कवि डॉ कुमार विश्‍वास अपने सोशल मीडिया जैसे इंस्‍टाग्राम, फेसबुक, ट्वीटर, पर काफी सक्रिय रहते हैं। इन पर उनके फौलोअर्स लाखों में है। इनका एक अपना साइट भी है जो काफी आकर्षक है। डॉ कुमार का अपना यूट्यूब चैनल भी है जिसकी शुरुआत उन्‍होंने 2009 में की थी।

कुमार विश्‍वास: कुछ रोचक बातें (Kumar Vishwas: Some Interesting Facts)

इनका का जन्म 10 फरवरी 1970 उत्‍तर प्रदेश के पिलखुवा, जिला गाजियबाद में हुआ था।

कुमार विश्वास अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर काफ़ी एक्टिव रहते हैं।

वर्तमान में इनकी उम्र 53 वर्ष है।

इनकी शुरुआती शिक्षा राजपूताना रेजीमेंट इंटर कॉलेज से हुई थी।

उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल की शुरुवात साल 2009 में की थी।

इनके पिताजी उन्हें इंजीनियर बनाना चाहते थे लेकिन कुमार विश्वास का मन हिंदी साहित्य में अधिक लगता था।

कवि कुमार विश्‍वास के अनमोल वचन (Some Golden Words Of Dr. Kumar Vishwas)

जिसकी मस्ती जिन्दा है उसकी हस्ती जिन्दा है |

साध्य महत्वपूर्ण है , ना की साधन महत्वपूर्ण है।

युद्ध में इतिहास आपका आकलन इस बात से नहीं करता; आप जीते या हारे। इस बात से आकलन करता है कि आपने गोली पीठ पर खायी या छाती पर खायी।

आप स्वार्थी बनिए परंतु अपने लिए।

मैं ये कहना चाहता हूं जो राष्ट्र अपने शिक्षक को सम्मान नहीं देता; इतिहास उसे स्थान नहीं देता, उसे गति नहीं देता…।

कच्चे लोग जीवन में बड़ी सफलता नहीं देते।

महत्वाकांक्षा अनंत रखना परंतु लालच शुन्य रखना।

हमारा सारी असुविधाएँ discomfort हमारे खुद के साथ है।

आपके मां-बाप आपकी किसी प्रवृत्ति पर नाराज हो तो आप समझ लेना कि आप में कुछ अतिरिक्त है, जो हो रहा है, इसमें लज्जित मत होना।

अहंकारियों की होलीका आपको बस में करने की कितनी भी कोशिश करें पर अंत में होलिका और हिरणकश्यप का अहंकार ही जलेगा।

यदि अंधकार से लड़ने का संकल्प कोई कर लेता है; तो एक अकेला जुगनू भी अंधकार को हर लेता है।

एक-दो दिन में वो इकरार कहांआएगा कल सुबह एक ही अखबार कहा आएगा आज जो बाँधा है इनमें तो बहल जाएंगे रोज इन बाहों का त्योहार कहाँ आयेगा।

पूजा का दीपक बिन बाले खुद जल जाता है मां का आना घर घर को मालूम चल जाता है।

डॉ. कुमार विश्‍वास के कुल संपत्ति (Dr. Kumar Vishwas’ Net Worth)

कुमार विश्वास की कुल संपत्ति लगभग 5 करोड़ भारतीय रुपये आंकी गयी है। उनकी मासिक आय 2 लाख रुपये है। उनकी व्यापक लोकप्रियता, टेलीविजन शो की मेजबानी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाइव कविता शो के प्रदर्शन के माध्यम  उनकी संपत्ति उचित लगती है।

अक्‍सर लोग जो पूछते हैं (FAQ)

कुमार विश्‍वास कौन है?

कुमार विश्‍वास भारत के एक प्रसिद्ध कवि हैं।

कुमार विश्वास का जन्म कहां हुआ था?

इनका जन्म उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद शहर के पिलखुवा में हुआ था।

कुमार विश्वास की उम्र क्या है?

कुमार विश्वास की वर्तमान उम्र 53 साल है।

कुमार विश्‍वास की पत्नी कौन है?

उनकी पत्‍नी का नाम मंजू शर्मा है।

कुमार विश्वास की बेटियों का नाम क्या है?

अग्रता शर्मा और कूहु शर्मा

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