हरियाणा के एक गरीब परिवार में जन्‍मे बाबा रामदेव अरबपति कैसे बने, जानिए इसके जीवन परिचय एवं कुल संपति (How Baba Ramdev, Born In A Poor Family Of Haryana, Became A Billionaire, Know His Biography And Net Worth)

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कौन है बाबा रामदेव? (Who is Baba Ramdev?)

बाबा रामदेव भारत का एक योगगुरू और व्‍यवसायी हैं। इस देश में उन्‍हें योग और आयुर्वेद के प्रवर्तक माना जाता है। उन्‍होंने अपना योग शिविर का आयोजन की शुरूआत 2002 ई. से की है। बाबा रामदेव अपने सहयोगी आचार्य बालकृष्‍ण के सहयोग से 2003 में दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की। उन्‍होंने देश-विदेश में योग और आयुर्वेद को बढ़ाने के लिए पतंजलि योगपीठ की स्‍थापना भी की। दुनिया के कई देशों जैसे इंगलैंड, अमेरिका, नेपाल, कनाडा तथा मॉरिशस में भी पतंजलि योगपीठ की शाखाएं हैं।

Table of Contents

बाबा रामदेव का जन्‍म एवं माता-पिता (Baba Ramdev Birth Date and Parents)

बाबा रामदेव का जन्म 25 दिसंबर 1965 को हरियाणा  राज्य में महेंद्रगढ़ जिले के सैय्यदलीपुर गांव में हुआ था। उनके बचपन का नाम रामकिशन यादव था। जब वे ढ़ाई वर्ष के थे तो उनका एक अंग लकवाग्रस्त हो गया।

बाबा रामदेव
बाबा रामदेव

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उनके पारिवारिक स्थिति ठिक न होने कारण आयुर्वेद और योग का अभ्यास करने से ठीक हो गये। उस चमत्कार के कारण बाबा का मन बचपन से योग की ओर जुड़ गया। उनके माता का नाम गुलाबो देवी और पिता का नाम रामनिवास यादव है।

बाबा रामदेव का शिक्षा- दीक्षा (Baba Ramdev Education)

रामदेव ने अपनी आठवीं कक्षा की शिक्षा पास के गाँव शहजादपुर के सरकारी स्‍कूल में पूरी की। उन्होंने खानपुर गाँव में एक गुरुकुल में प्रवेश किया, जहाँ उन्हें आचार्य प्रद्युम्न और योग आचार्य बलदेव जी द्वारा संस्कृत और योग की शिक्षा दी गई।

अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, अपने जुनून को पूरा करने के लिए उन्होंने अपने भाइयों और माता-पिता से स्थायी रूप से नाता तोड़ लिया। अपने प्रारंभिक वर्षों में, उन्होंने संन्यास में प्रवेश करने का निर्णय लिया और अपना नाम पूर्व रामदेव रखा। उसके बाद, वह जिंद गांव में कलवा गुरुकुल में स्थानांतरित हो गए और स्थानीय निवासियों को योग सिखाना शुरू कर दिया।

बाबा रामदेव का उम्र (Baba Ramdev Age)

बाबा रामदेव वर्तमान में 58 वर्ष के हैं। वे अभी भी योग और आयुर्वेद के प्रचार के लिए काम कर रहे हैं।

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बाबा रामदेव का संक्ष्प्ति जीवनी (Baba Ramdev Quick Facts)

प्रसिद्ध नामबाबा रामदेव, योग गुरु
पूरा नामरामकृष्ण यादव
उपनामबाबा रामदेव, योग गुरु
जन्‍म तिथि25 दिसंबर 1965
जन्‍म स्‍थानसैयद अलीपुर, कस्बा-नांगल चौधरी, जिला-महेन्द्रगढ़, हरियाणा, भारत
उम्र58 वर्ष (2023 में)
मातागुलाबो देवी
पितारामनिवास यादव
भाईराम भारत
बहनपता नहीं
पेशायोग गुरु, व्यापारी
राष्‍ट्रीयताभारतीय
जातियादव
धर्महिन्दू
वैवाहिक स्थितिअविवाहित
पत्नीलागू नहीं
बाल-बच्चेकोई नहीं
शैक्षणिक योग्यतापता नहीं
विद्यालयगुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार
कॉलेजज्ञात नहीं
विश्वविद्यालयज्ञात नहीं
आँखों का रंगभूरा
बालों का रंगकाला
सीने का आकार38 इंच
राशि चक्र चिन्हमकर
कुल सम्पति₹1600 करोड़ (पतंजलि योगपीठ के अनुसार)

बाबा रामदेव का कैरियर (Baba Ramdev Career)

बाबा रामदेव का कैरियर एक योग गुरु और व्यवसायी के रूप में शुरू हुआ। उन्होंने योग के प्रचार और आयुर्वेदिक उत्पादों के विपणन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बाबा रामदेव योग गुरु के रूप में कैरियर (Career As Yoga Guru)

उन्होंने 15 साल की उम्र में संन्यास ले लिया और योग का प्रचार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हरिद्वार में एक आश्रम की स्थापना की, जहां वे योग कक्षाएं और प्रवचन देते हैं।

बाबा रामदेव योग सिखाते हुए
बाबा रामदेव योग सिखाते हुए

बाबा रामदेव ने योग को एक लोकप्रिय व्यायाम के रूप में लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने योग के कई टीवी कार्यक्रमों और वीडियो को होस्ट किया है, जो पूरे भारत और दुनिया भर में देखे जाते हैं। उन्होंने योग पर कई किताबें भी लिखी हैं।

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बाबा रामदेव व्यवसाय के रूप में कैरियर (Career As Business)

2006 में, बाबा रामदेव ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की स्थापना की, जो एक आयुर्वेदिक उत्पादों की कंपनी है। कंपनी ने जल्द ही भारत में एक प्रमुख आयुर्वेदिक ब्रांड के रूप में अपनी स्थिति स्थापित कर ली। पतंजलि के उत्पादों में आयुर्वेदिक दवाएं, सौंदर्य प्रसाधन, खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ शामिल हैं।

बाबा रामदेव
चित्र स्‍त्रोत  इंस्‍टाग्राम
बाबा रामदेव

बाबा रामदेव ने पतंजलि आयुर्वेद को एक सफल व्यवसाय में बदल दिया है। कंपनी का वार्षिक राजस्व 10,000 करोड़ रुपये से अधिक है। बाबा रामदेव कंपनी के ब्रांड एंबेसडर हैं और उनके चेहरे को कंपनी के सभी उत्पादों पर देखा जा सकता है।

दिव्य योग्यपीठ ट्रस्ट (Divya Yogpeeth Trust)

दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट की स्थापना 1995 में रामदेव ने की थी। यह कार्यक्रम हर सुबह 5 बजे आस्था चैनल पर प्रसारित होता है और इसे देखते हुए भारत और अन्य देशों के कई लोग अपने घरों में योग का अभ्यास करते हैं। इस ट्रस्ट में उन्हें आचार्य करमवीर और बालकृष्ण का सहयोग प्राप्त था। ट्रस्ट का मुख्यालय हरिद्वार के कृपालु बाग आश्रम में है। इस आश्रम में ज्यादातर समय बाबा रामदेव योग सिखाते हैं। बाबा रामदेव के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाना शुरू किया, जिससे उस देश में योग को इतना पसंद किया जाने लगा। आज पूरी दुनिया में लोग योग का महत्व समझ रहे हैं।

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योगगुरू रामदेव के योग कार्यक्रम में विश्‍व के कई प्रसिद्ध लोगों ने भाग लिया है। उन्होंने शिल्पा शेट्टी और महान बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन को योग सिखाया है। रामदेव उत्तर प्रदेश के देवबंद जिले में मुस्लिम मौलवियों को योग की शिक्षा देने वाले गैर-मुसलमानों के पहले समूह में से थे। रामदेव ने संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों के नागरिकों को भी योग की शिक्षा दी।

कोफी उन्नान ने 2006 में संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में गरीबी कम करने पर व्याख्यान देने के लिए बाबा रामदेव को आमंत्रित किया। पाकिस्तान में, योगी हैदर अपने योग निर्देश के लिए प्रसिद्ध हैं। वह बाबा रामदेव का अनुयायी होने का दावा करता है और वह योग को पाकिस्तान में भी प्रमुख स्थान दिलाना चाहता है जैसा कि उसने भारत में दिया है।

पतंजलि योग्यपीठ ट्रस्ट (Patanjali Yogpeeth Trust)

पतंजलि योगपीठ नामक शैक्षणिक सुविधा योग और आयुर्वेद की शिक्षा को जोड़ती है। इस संस्‍थान की शाखाएं अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, मॉरीशस और नेपाल में स्थित हैं। यूके में इसकी शुरुआत 2006 में हुई।

रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने 2006 में हरिद्वार में पतंजलि आयुर्वेद की स्थापना की। 2016 की शुरुआत तक कंपनी का कारोबार 45 करोड़ रुपये से अधिक हो गया। भारत के बाहर के अन्य कंपनियों का कारोबार पतंजलि के आने से मंदा हो गया ।

इससे कोलगेट और डाबर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। प्रत्येक उत्पाद जो हम दैनिक आधार पर उपयोग करते हैं, जैसे साबुन, घरेलू आपूर्ति, बिस्कुट, चॉकलेट, पेस्ट, शैम्पू, अचार, पापड़, मुरब्बा, सौंदर्य उत्पाद, फल और पेय पदार्थ, पतंजलि द्वारा उत्पादित किए जा रहे हैं। इस सूची में अभी भी कई आइटम हैं।

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बाबा रामदेव के अनुसार, राष्ट्रीय निधियों को घरेलू ही रहना चाहिए। लाभ की तलाश में विदेशी व्यवसायों के प्रवेश से भारत की अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई है। बाबा रामदेव की कंपनी का सभी उम्मीदों से कहीं ज्यादा विस्तार हुआ है। आजकल हर कस्बे और शहर में पतंजलि स्टोर हैं। उनके काम की बदौलत देश में हजारों-लाखों लोगों को काम मिला है।

पतंजलि चिकित्‍सालय (Patanjali Hospital)

अपना खुद का पतंजलि स्टोर खोलने के साथ-साथ बाबा रामदेव ने पतंजलि चिकित्सालय की भी स्थापना की। यहां एक वैद्य बैठते हैं जो पतंजलि की आयुर्वेदिक औषधियां देते हैं। आयुर्वेदिक औषधियां गंभीर बीमारियों के इलाज में कारगर हैं।

बाबा रामदेव के प्रमुख कार्य (Major works of Baba Ramdev)

बाबा रामदेव एक भारतीय योग गुरु, उद्यमी और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने पतंजलि योगपीठ और पतंजलि आयुर्वेद की स्थापना की, जो भारत के सबसे बड़े योग और आयुर्वेदिक संगठन हैं। बाबा रामदेव के प्रमुख कार्यों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • योग का प्रचार—बाबा रामदेव ने योग को एक लोकप्रिय स्वास्थ्य और फिटनेस अभ्यास के रूप में लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने टीवी और सोशल मीडिया के माध्यम से योग के कई कार्यक्रम और वीडियो प्रस्तुत किए हैं।
  • आयुर्वेद का प्रचार— बाबा रामदेव ने आयुर्वेद को एक आधुनिक और प्रभावी चिकित्सा प्रणाली के रूप में लोकप्रिय बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने आयुर्वेदिक उत्पादों और सेवाओं के विकास और विपणन में निवेश किया है।
  • स्वदेशी उत्पादों का प्रचार— बाबा रामदेव ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया है। उन्होंने भारतीय किसानों और उद्योगपतियों का समर्थन करने के लिए भी काम किया है।
  • सामाजिक कार्य— बाबा रामदेव ने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के लिए कई सामाजिक कार्यों को शुरू किया है। उन्होंने गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए कई कार्यक्रम चलाए हैं।

बाबा रामदेव का अनशन (Fast Against Corruption)

2023 में, उन्‍होने ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वे तब तक अनशन करेंगे जब तक कि सरकार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करती। बाबा ने 2023 में दिल्ली में अपना अनशन शुरू किया। उन्होंने कहा कि वे भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए देश भर में अनशन करेंगे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार देश की सबसे बड़ी समस्या है और इसे खत्म करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।

बाबा के अनशन को देश भर में समर्थन मिला। कई लोगों ने कहा कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा रामदेव के प्रयासों का समर्थन करते हैं। उन्‍होने 10 दिनों तक अनशन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार से भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। अंततः, सरकार ने बाबा रामदेव की मांगों को मानने का वादा किया और बाबा रामदेव ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।

योग शिविरों का आयोजन (Organization Of Yoga Camps)

बाबा रामदेव द्वारा पतंजलि योगपीठ के माध्यम से भारत भर में योग शिविरों का आयोजन किया जाता है। इन शिविरों का उद्देश्य लोगों को योग के लाभों से अवगत कराना और उन्हें योगाभ्यास के लिए प्रेरित करना है।

बाबा रामदेव के योग शिविर आमतौर पर दो से तीन दिनों के होते हैं। इन शिविरों में योग के विभिन्न आसन, प्राणायाम और ध्यान सिखाया जाता है। शिविरों में योग के लाभों के बारे में भी बताया जाता है।

बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्‍ण
बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्‍ण

बाबा रामदेव के योग शिविरों में विभिन्न आयु वर्ग के लोग भाग लेते हैं। इन शिविरों में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए अलग-अलग वर्ग होते हैं।

बाबा रामदेव के योग शिविरों का आयोजन भारत के सभी प्रमुख शहरों और कस्बों में किया जाता है। इन शिविरों में भाग लेने के लिए कोई शुल्क नहीं लगता है।

बाबा रामदेव के योग शिविरों का लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इन शिविरों के माध्यम से लाखों लोगों को योगाभ्यास के लाभों से अवगत हुआ है।

बाबा रामदेव का राजनितिक अभियान (Baba Ramdev’s Political Campaign)

2010 में बाबा रामदेव ने राजनीतिक संगठन भारत स्वाभिमान की स्थापना की। वह उस समय आगामी चुनावों में भाग लेना चाहते थे। लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने घोषणा की कि उन्हें सीधे राजनीति में प्रवेश करने में कोई दिलचस्पी नहीं है और इसके बजाय वह अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करके लोगों को ऐसा करने के लिए मनाएंगे। वह 2014 के बाद नरेंद्र मोदी के प्रधान मंत्री अभियान में शामिल हो गए और उनका समर्थन करना शुरू कर दिया।

भारत को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने और जन लोकपाल विधेयक को अमल में लाने के लिए बाबा रामदेव ने 2011 में रामलीला मैदान में अनशन किया था। अनशन की लंबी अवधि के कारण मनमोहन सिंह के प्रशासन पर काफी दबाव था। सरकार ने रामदेव के अनुरोध को पूरा करने के लिए भ्रष्टाचार से निपटने के लिए एक समिति की स्थापना की। उस समय, बाबा रामदेव कई आरोपों के निशाने पर थे, साथ ही अफवाहें भी थीं कि उनके द्वारा बेचे जाने वाले पतंजलि उत्पाद मिलावटी थे। बाबा रामदेव के दाहिने हाथ माने जाने वाले आचार्य बालकृष्ण पर फर्जी पासपोर्ट रखने और नेपाल का निवासी होने का दावा करने का आरोप लगाया गया था।

विवाद और आलोचना (Controversy And Criticism)

बाबा रामदेव, एक प्रसिद्ध योग गुरु और पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक, अक्सर अपने विवादास्पद बयानों और दावों के लिए आलोचना का सामना करते हैं।

विवादित बयान (Controversial Statement)

बाबा रामदेव ने कई बार ऐसे बयान दिए हैं जो विवादों में घिर गए हैं। इनमें शामिल हैं:

  • उन्होंने एलोपैथी को “बेवकूफ विज्ञान” कहा है।
  • उन्होंने दावा किया है कि लड़का पैदा करने के लिए उनकी कंपनी की एक दवा प्रभावी है।
  • उन्होंने कहा है कि सांवला रंग एक बीमारी है।
  • उन्होंने नमाज को “पाखंड” कहा है।

आलोचना (Criticism)

स्‍वामी रामदेव की आलोचना करने वालों का कहना है कि उनके बयान हानिकारक और भ्रामक होते हैं। वे कहते हैं कि रामदेव आयुर्वेद के प्रति लोगों का विश्वास कम कर रहे हैं और उनके बयान सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ावा दे रहे हैं।

बाबा रामदेव को प्राप्‍त पुरस्‍कार एवं सम्‍मान (Baba Ramdev’s Award And Honor)

  • जनवरी 2007 में भुवनेश्वर में कलिंगा विश्वविद्यालय ने एक छात्र को डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की।
  • जनवरी 2011 में, महाराष्ट्र सरकार ने पुरस्कार प्रदान किया।
  • उन्हें अप्रैल 2015 में हरियाणा सरकार द्वारा योग और आयुर्वेद के लिए ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया था।
  • आईआईटी और एमिटी विश्वविद्यालयों दोनों ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की है।

रामदेव हमारे देश की राजनीति में विशेष रुचि रखते हैं। वह हर दिन अलग-अलग विषयों पर अपनी अनूठी टिप्पणियां करते हैं, जिससे वह चर्चा में बने रहते हैं।

बाबा रामदेव का नेटवर्थ (Baba Ramdev’s Net Worth)

स्‍वामी रामदेव की निजी संपत्ति 1600 करोड़ रुपये से ज्यादा है. बाबा रामदेव की वार्षिक आय 5 करोड़ रुपये से अधिक है, और उनकी मासिक आय 50 लाख रुपये से अधिक है।

बाबा रामदेव सोशल मीडिया पर (Baba Ramdev On Social Media)

स्‍वामी रामदेव सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं। इनमें शामिल हैं:

  • YouTube: स्‍वामी रामदेव के YouTube चैनल पर 10.2 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर हैं। वे अपने चैनल पर योग, आयुर्वेद, और स्वस्थ जीवन शैली के बारे में वीडियो अपलोड करते हैं।
  • Twitter: स्‍वामी जी के Twitter अकाउंट पर 2.6 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं। वे अपने अकाउंट पर योग, आयुर्वेद, और सामाजिक मुद्दों पर ट्वीट करते हैं।
  • Instagram: बाबा जी के Instagram अकाउंट पर 2.1 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं। वे अपने अकाउंट पर योग, आयुर्वेद, और अपने व्यक्तिगत जीवन की तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हैं।
  • Facebook: रामदेव बाबा के Facebook पेज पर 11.7 मिलियन से अधिक लाइक हैं। वे अपने पेज पर योग, आयुर्वेद, और सामाजिक मुद्दों पर पोस्ट करते हैं।

बाबा जी सोशल मीडिया का उपयोग अपने विचारों और आदर्शों को साझा करने के लिए करते हैं। वे योग और आयुर्वेद के महत्व के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए भी सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं!

अक्‍सर लोग जो पूछते है (FAQ)

बाब रामदेव कौन है?

स्‍वामी रामदेव भारत का एक योगगुरू और व्‍यवसायी हैं। इस देश में उन्‍हें योग और आयुर्वेद के प्रवर्तक माना जाता है।

बाबा रामदेव ने कितनी पढ़ाई की है?

स्‍वामी रामदेव ने संस्कृत और योग की शिक्षा ली। उन्‍होंने संस्कृत व्याकरण, योग में दर्शन, वेद और उपनिषद की स्पेशिलिटी के साथ पोस्टग्रेजुएशन में आचार्य की डिग्री ली है।

क्या रामदेव पतंजलि के मालिक हैं?

पतंजलि आयुर्वेद पर 94% स्वामित्व आचार्य बालकृष्ण का है। पतंजलि आयुर्वेद में 94% हिस्सेदारी होने के बावजूद बालकृष्ण को वेतन नहीं मिलता है। बाबा जी का कोई हिस्‍सेदारी नहीं है।

कितनी संपत्ति के मालिक हैं बाबा रामदेव?

स्‍वामी रामदेव की कुल संपति साल 2022 में 190 मिलियन डॉलर बताई जाती है। भारतीय करेंसी में इसकी कीमत 1400 करोड़ रुपये है। 2023 ई. में इनकी कुल संपति 1600 करोड़ बताई जाती है।

रामदेव की जन्म तिथि क्या है?

स्‍वामी रामदेव का जन्म 25 दिसंबर 1965 को हरियाणा राज्य में महेंद्रगढ़ जिले के सैय्यदलीपुर गांव में हुआ था।

बाबा रामदेव कितने घंटे सोते हैं?

स्‍वामी रामदेव प्रतिदिन लगभग 18 से 20 घंटे काम करते हैं। वे सुबह 3 बजे बिछावन छोड़ देते हैं और शाम को लगभग 10 बजे सो जाते है।

पतंजलि के सीईओ कौन हैं?

आचार्य बालकृष्ण एक भारतीय अरबपति व्यवसायी और उपभोक्ता सामान कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के अध्यक्ष हैं।

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